Jio Financial Services का बड़ा कदम
भारत की अग्रणी टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो की सहायक कंपनी, Jio Financial Services Limited (JFSL), ने एक महत्वपूर्ण व्यापारिक कदम उठाया है। Jio Leasing Services Limited (JLSL) ने रिलायंस रिटेल से 36,000 करोड़ रुपये की कीमत के टेलिकॉम उपकरण खरीदने का निर्णय लिया है। यह सौदा अगले दो वित्तीय वर्षों में, मार्च 2025 और मार्च 2026 तक पूरा होगा।
कैसे होगा उपकरणों का उपयोग
यह महत्वपूर्ण सौदा रिलायंस जियो के ग्राहकों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। JLSL द्वारा खरीदे गए उपकरणों को ऑपरेटिंग लीज के माध्यम से ग्राहकों को प्रदान किया जाएगा। इस मॉडल को Devices-as-a-Service (DaaS) कहा जाता है। DaaS मॉडल में इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस, सपोर्ट और लगातार अपडेट्स शामिल होंगे, जो ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त तनाव के उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान करेगा।
रिलायंस रिटेल की प्रमुख भूमिका
इस सौदे में रिलायंस रिटेल की महत्वपूर्ण भूमिका है। रिलायंस रिटेल पहले से ही CPE (Customer Premises Equipment), एंटरप्राइज़ डिवाइसेज़ और अन्य टेलिकॉम उपकरणों के व्यवसाय में है। रिलायंस रिटेल बड़ी मात्रा में उपकरणों की खरीद करेगी, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक भाव पर मिलेगा। इन उपकरणों को फिर JLSL को एक cost-plus margin पर प्रदान किया जाएगा।
ग्राहकों के लिए क्या फायदे
Jio के लिए इस सौदे का मुख्य उद्देश्य अपने ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं प्रदान करना है। DaaS मॉडल के तहत, ग्राहकों को न सिर्फ नए उपकरण मिलेंगे, बल्कि उनकी इंस्टॉलेशन और मेन्टेनेंस भी कंपनी द्वारा ही की जाएगी। इससे ग्राहकों को उपकरण की ख़राबी या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें हमेशा अपडेटेड उपकरण मिलेंगे। रिलायंस जियो की वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और अन्य सेवाओं का अनुभव और बेहतरीन होगा।
आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सौदा
यह सौदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए भी आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। Jio Financial Services और Reliance Retail दोनों ही कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधीन आती हैं, जिससे यह सौदा समूह के भीतर ही हो रहा है। इस प्रकार, यह सौदा रिलायंस इंडस्ट्रीज की समग्र व्यापारिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समूह की कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करना और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
सौदे की समयसीमा
यह सौदा अगले दो वित्तीय वर्षों में, मार्च 2025 और मार्च 2026 तक पूरा होगा। इस दौरान रिलायंस रिटेल द्वारा आवश्यक उपकरणों की खरीदारी और उनकी डिलीवरी का सारा कार्य ठीक से संपन्न किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस साझेदारी से न केवल रिलायंस जियो के ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी, बल्कि टेलिकॉम उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। यह सौदा भारत के टेलिकॉम उद्योग में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Debakanta Singha
मई 25, 2024 AT 23:03tejas cj
मई 27, 2024 AT 18:44Payal Singh
मई 29, 2024 AT 07:06Chandrasekhar Babu
मई 30, 2024 AT 23:06Liny Chandran Koonakkanpully
जून 1, 2024 AT 10:19Manu Metan Lian
जून 2, 2024 AT 20:18Pooja Mishra
जून 4, 2024 AT 01:16Khaleel Ahmad
जून 5, 2024 AT 10:18Anupam Sharma
जून 7, 2024 AT 09:54avinash jedia
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जून 11, 2024 AT 00:22himanshu shaw
जून 11, 2024 AT 18:29swetha priyadarshni
जून 13, 2024 AT 08:08