Raayan Movie Review: धनुष की 50वीं फिल्म एक प्रतिशोध और विश्वासघात से भरी कहानी

Raayan Movie Review: धनुष की 50वीं फिल्म एक प्रतिशोध और विश्वासघात से भरी कहानी
Anuj Kumar 27 जुलाई 2024 11

'रायन' फिल्म समीक्षा: प्रतिशोध और विश्वासघात की खून से सनी कहानी

धनुष की 50वीं फिल्म 'रायन' वास्तव में एक उत्कृष्ट कृति है, जो 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है और एक शक्तिशाली और भयभीत गैंगस्टर की जिंदगी की कहानी बताती है। इस फिल्म का निर्देशन मारी सेल्वराज ने किया है, जिन्होंने अपनी बेहतरीन दृष्टि और संवेदनशील पकड़ के माध्यम से क्राइम ड्रामा की दुनिया को जीवंत कर दिया है।

कहानी और प्लॉट

फिल्म की कहानी मुख्य किरदार रायन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे धनुष ने बड़े ही उम्दा तरीके से निभाया है। रायन एक ऐसा गैंगस्टर है, जो अपने प्रतिशोध, वफादारी और विश्वासघात की जटिलताओं के बीच फंसकर अपनी ताकत बनाए रखने की कोशिश करता है। फिल्म में दिखाए गए वफादारी, सत्ता संघर्ष और विश्वासघात के मुद्दे इसे और भी मनोरंजक बनाते हैं।

अभिनय और कलाकार

इस फिल्म में धनुष के साथ केन करूणास, कलैयारासन और तीजे अरुणासलाम जैसे शानदार कलाकार भी शामिल हैं। धनुष ने रायन के किरदार में अपने जबरदस्त अदाकारी से जान डाल दी है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, संवाद और इमोशनल एक्सप्रेसन्स ने उनके किरदार को और भी जीवंत बना दिया है। केन करूणास, कलैयारासन और तीजे अरुणासलाम ने भी अपने-अपने किरदारों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी

मारी सेल्वराज ने इस फिल्म को बहुत ही अच्छे से निर्देशित किया है। उनकी संवेदनशील दृष्टि और कहानी कहने की शैली इस फिल्म को अन्य अपराध ड्रामाओं से अलग बनाती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी भी काबिले तारीफ है। कैमरे का इस्तेमाल और स्लो-मोशन शॉट्स इस फिल्म को और भी रियलिस्टिक बनाते हैं। खासकर, 1980 के दशक की पृष्ठभूमि को बहुत ही अच्छे से दर्शाया गया है।

संगीत और बैकग्राउंड स्कोर

फिल्म का संगीत संतोष नारायणन द्वारा दिया गया है, जो फिल्म की संगीतमय गहराई को और भी बढ़ा देता है। बैकग्राउंड स्कोर और गाने कहानी के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं और इसे और भी प्रभावशाली बनाते हैं। संगीत ने फिल्म की इमोशनल इंटेंसिटी को बढ़ाया है और लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।

युद्ध दृश्य और एक्शन

फिल्म में दिखाए गए युद्ध दृश्य और एक्शन सीक्वेंस इसे और भी रोमांचक बनाते हैं। धनुष की ऊर्जा और परफॉर्मेंस ने एक्शन सीन्स को और भी प्रभावी बना दिया है। फिल्म में दिखाए गए खून-खराबे और हिंसात्मक दृश्य बहुत ही रियलिस्टिक हैं और दर्शकों को उनकी सीटों से हिलने नहीं देते हैं।

निष्कर्ष

'रायन' धनुष की 50वीं फिल्म के रूप में एक बेहतरीन मील का पत्थर साबित होती है। यह फिल्म सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं बल्कि विश्वासघात, सत्ता संघर्ष और वफादारी की जटिलताओं को बेहतरीन ढंग से उकेरती है। मारी सेल्वराज का निर्देशन, संतोष नारायणन का संगीत और फिल्म का अद्भुत सिनेमैटोग्राफी इसे और भी यादगार बनाते हैं। अगर आप क्राइम ड्रामा के फैन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ज़रूर देखनी चाहिए।

11 टिप्पणि

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    Yogesh Dhakne

    जुलाई 28, 2024 AT 19:35
    बहुत अच्छी फिल्म थी... धनुष का अभिनय तो बस जबरदस्त था। 🙌
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    Amit Mitra

    जुलाई 30, 2024 AT 03:13
    मैंने इस फिल्म को दो बार देखा है, और हर बार कुछ नया मिलता है। 1980 के दशक का सेटिंग, कैमरा वर्क, और बैकग्राउंड स्कोर-सब कुछ एकदम सही था। मारी सेल्वराज ने जो एक ऐसा वातावरण बनाया, जहां हर चीज़ बास रहती थी-गंदगी, धुएं, और उस अंधेरे का भाव। धनुष की आवाज़ में भी एक अजीब सी गहराई थी, जैसे वो खुद ही रायन हो। केन करूणास का किरदार भी बहुत बेहतरीन था, जिसने फिल्म को एक और गहराई दी। और फिर वो एक्शन सीन्स... जिनमें कोई स्लो मोशन नहीं, बल्कि बिल्कुल रियलिस्टिक झटके थे, जैसे आप उस गली में खड़े हों। ये फिल्म किसी बॉलीवुड फॉर्मूले की नहीं, बल्कि एक असली तमिल अपराध इपिक है। जिसमें कोई नहीं बचता, न कोई बदलता है। बस वो चलता है-जैसे एक बरसात के बाद गली का पानी।
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    kuldeep pandey

    जुलाई 31, 2024 AT 00:54
    अरे भाई, ये फिल्म तो बस धनुष के लिए एक बड़ा बैनर बनाने के लिए बनाई गई है। किसी को नहीं दिखा रहे कि वो 50वीं फिल्म कर चुके हैं।
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    Hannah John

    जुलाई 31, 2024 AT 22:59
    क्या आपने कभी सोचा कि ये सारा कहानी एक गैंग के खिलाफ राष्ट्रीय एजेंसी का झूठा रिपोर्ट है? जिसे फिल्म बनाकर लोगों को डराया जा रहा है? मैंने देखा था कि एक दृश्य में कैमरा एक अजीब से कोने में जा रहा था... वहां कुछ छिपा हुआ था। वो लोग जो ये फिल्म बना रहे हैं, वो किसी बड़े गुप्त समूह के हैं। आप देखोगे, अगले साल किसी भी अभिनेता की 50वीं फिल्म भी इसी तरह बनेगी। ये एक योजना है।
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    dhananjay pagere

    अगस्त 1, 2024 AT 06:11
    धनुष का अभिनय तो बिल्कुल बेहतरीन था... लेकिन संगीत बहुत ज्यादा ओवरलैप कर रहा था। 🤔
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    Shrikant Kakhandaki

    अगस्त 3, 2024 AT 03:47
    ये फिल्म तो बस एक बड़ा धोखा है... मारी सेल्वराज को तो पता है कि ये सब झूठ है। आपने देखा कि रायन के घर के पीछे वाली दीवार पर एक नंबर लिखा था? 42... वो कोड है। ये फिल्म किसी अमेरिकी एजेंसी के लिए बनाई गई है। धनुष भी उनका एजेंट है। आपको यकीन है कि वो असली गैंगस्टर नहीं है? वो तो एक अभिनेता है।
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    bharat varu

    अगस्त 3, 2024 AT 18:11
    बहुत अच्छी फिल्म थी! धनुष का अभिनय और मारी सेल्वराज की दृष्टि का कॉम्बिनेशन बस जादू था। जिन्होंने देखी है, वो जानते हैं कि ये फिल्म सिर्फ एक मनोरंजन नहीं, बल्कि एक अनुभव है। ज़रूर देखें!
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    Vijayan Jacob

    अगस्त 3, 2024 AT 20:02
    हमारे यहां फिल्में बनाने का तरीका अब इतना फॉर्मूला बन गया है कि अगर कोई एक्शन फिल्म बनाना है, तो उसमें 1980 का सेटिंग, एक गैंगस्टर, और धनुष जरूर चाहिए। ये नया नहीं, बस एक रिहेश निकाला गया है।
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    Saachi Sharma

    अगस्त 5, 2024 AT 02:11
    धनुष का अभिनय तो बेहतरीन था। बाकी सब बोरिंग।
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    shubham pawar

    अगस्त 6, 2024 AT 10:41
    मैंने फिल्म देखी, लेकिन एक बात बहुत ज्यादा दिमाग में घुस गई... रायन के घर के बाहर वाली बस स्टॉप पर एक लड़की थी, जिसने एक बार देखा और मुड़ गई। वो असल में रायन की बेटी है... और फिल्म के अंत में वो उसे देखती है, लेकिन बोलती नहीं। ये फिल्म एक बाप और बेटी की कहानी है। मारी सेल्वराज ने इसे छिपाकर रखा है। जिन्होंने ये नहीं देखा, वो फिल्म नहीं देखी।
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    Nitin Srivastava

    अगस्त 7, 2024 AT 12:01
    ये फिल्म एक गैर-पश्चिमी एपिक ड्रामा है, जिसमें एक विशिष्ट सांस्कृतिक लोकलिटी को एक बहुत ही अन्यथा विश्वव्यापी भाषा में अभिव्यक्त किया गया है। धनुष का परफॉर्मेंस एक नए तमिल नैरेटिव के अभिनय के एक नए उदाहरण है-जिसमें एक गैंगस्टर का व्यक्तित्व न केवल अपराध के अंतर्गत बल्कि एक अस्तित्ववादी अंतर्द्वंद्व के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आप इसे देखकर केवल एक फिल्म नहीं देखते, बल्कि एक दर्शन भी।

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