Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-एनसीआर का नया ट्रांसपोर्ट गेमचेंजर
5 जनवरी 2025 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Namo Bharat Rapid Rail Transit System (RRTS) के साहिबाबाद-न्यू अशोक नगर कॉरिडोर का उद्घाटन किया, तो NCR की यात्रा का पूरा अनुभव ही बदल गया। 13 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट से भी कम समय में तय होने लगी है। Namo Bharat Rapid Rail दिल्ली-मीरेट रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का पहला ऑपरेशनल सेक्शन है, जिसकी शुरुआत दिल्ली और यूपी को स्मार्ट तरीके से जोड़ने के इरादे से हुई है।
यह नया कॉरिडोर साहिबाबाद (गाज़ियाबाद) से लेकर न्यू अशोक नगर (दिल्ली) तक फैला है। यात्रियों के लिए किराया भी काफी रेंज में है—सामान्य कोच के लिए ₹130 और लग्ज़री कोच के लिए ₹255 तक। मतलब हर बजट वाले यात्री, स्टूडेंट से लेकर बिज़नेस पर्सन तक सब के लिए इसमें सुविधा है।
सुपर फास्ट, स्मार्ट फैसिलिटीज और एनवायरमेंट फ्रेंडली
Namo Bharat Rapid Rail की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। यहां ट्रेन 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती है। आज जहां दिल्ली मेट्रो या लोकल ट्रेनों को तय दूरी में काफी वक्त लगता है, वहीं RRTS कुल 82 किलोमीटर के पूरे साहिबाबाद-आनंद विहार-मोदीनगर रूट को कई स्टेशनों से जोड़ती है—वो भी मिनटों में। दिल्ली मेट्रो की नीली लाइन से न्यू अशोक नगर पर डायरेक्ट कनेक्शन यात्रियों के लिए बेहद आसान बना देता है।
अनूठा एनवायरमेंट फ्रेंडली अप्रोच भी देखने को मिलता है। हर स्टेशन पर सोलर पावर सिस्टम लगा है, जिससे 900 सोलर पैनल्स मिलकर लगभग 6.5 लाख यूनिट बिजली हर साल पैदा करते हैं। यहीं नहीं, बारिश का पानी जमा करके रिचार्ज व रीसाइक्लिंग सिस्टम बनाया गया है, ताकि ग्राउंडवॉटर भी बचाया जा सके। हर स्टेशन में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए चार्जिंग पॉइंट्स भी दिए गए हैं—फ्यूचर का ट्रांसपोर्ट पूरी तरह ग्रीन एनर्जी फोकस के साथ।
यात्रियों की सुरक्षा भी फर्स्ट प्रायोरिटी है। हर प्लेटफॉर्म पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स लगे हैं ताकि ट्रैक पर गिरने के मामलों से बचा जा सके। साथ ही, बार-बार साफ-सफाई, सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल टिकटिंग जैसी सुविधाएं भी आरामदायक अनुभव देती हैं।
- 82 किमी लंबा दिल्ली-मेरठ कारिडोर, जिसमें 16 स्टेशन हैं।
- आनंद विहार स्टेशन दिल्ली का इकलौता अंडरग्राउंड RRTS स्टेशन है।
- न्यू अशोक नगर स्टेशन पर तीन एंट्री/एग्जिट गेट, पार्किंग व व्हीलचेयर एक्सेस की सुविधा।
- स्टेशनों पर खुदरा दुकानों, लिफ्ट व अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
Metro और Bullet Train से तुलना करें तो Metro जहां शहरी ट्रैफिक के लिए सही है, वहीं Namo Bharat RRTS शहरों के बीच रफ्तार को बिल्कुल नए लेवल पर ले जाता है। Bullet Train फोकस करती है हाई-स्पीड इंटरसिटी ट्रैवल पर, लेकिन Namo Bharat RRTS राजधानी और आसपास के शहरों को न सिर्फ़ तेज़, बल्कि किफायती और इकोफ्रेंडली तरीके से जोड़ती भी है।
एनसीआर में जीने वालों के लिए ये सिर्फ़ ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि फ्यूचर लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। जैसे-जैसे ये नेटवर्क फैलेगा, सफर और आसान और स्मार्ट होता जाएगा।
Sakshi Mishra
जून 19, 2025 AT 17:54ये सिर्फ़ ट्रेन नहीं, ये एक नया दर्शन है-जहां तेज़ी और टिकाऊपन एक साथ चलते हैं। जब तक हम बिजली को सोलर से मैनेज करेंगे, तब तक हमारी आत्मा भी उसी तरह साफ़ रहेगी। ये रैपिड रेल, बस लोगों को एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जा रही, बल्कि एक नए विचार को भी ले जा रही है… जहां आधुनिकता, प्रकृति और इंसानी आवश्यकताएं एक साथ बैठी हैं।
Amit Kashyap
जून 20, 2025 AT 06:26अरे भाई ये तो बस बहुत बढ़िया है!! कांग्रेस वाले क्या कर रहे थे जब हमारे देश को इतनी ताकत दे रहे थे?? नरेंद्र मोदी ने जो किया वो किसी के लिए नहीं बल्कि हर भारतीय के लिए किया है!! ये ट्रेन बस ट्रेन नहीं भारत की गर्व की निशानी है!!
mala Syari
जून 21, 2025 AT 22:05मैंने इसे अभी तक नहीं ट्राई किया, लेकिन जो लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, वो शायद अपने फोन के स्क्रीन पर देखकर खुश हो रहे हैं। जब तक ये ट्रेन मेरे लिए एक रात के लिए एक डायरी नहीं बना देगी, मैं इसे असली नहीं मानूंगी। 😌
Kishore Pandey
जून 21, 2025 AT 22:41प्रस्तावित रैपिड रेल सिस्टम के संदर्भ में, यह एक तकनीकी रूप से उच्च स्तरीय परियोजना है जिसमें ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा मानकों और बहुमूल्य अंतर्गत नेटवर्क एकीकरण के मामले में निरंतर उन्नति देखी जा रही है। यह विकास के एक अनूठे दृष्टिकोण को दर्शाता है जो भारत की आधुनिक अर्थव्यवस्था के साथ समानांतर चल रहा है।
Kamal Gulati
जून 22, 2025 AT 15:58ये सब अच्छा है, लेकिन अगर ये ट्रेन बस एक दिन के लिए बंद हो जाए, तो क्या होगा? क्या हम फिर से अपने घरों से बाहर निकल पाएंगे? मैंने देखा है, जब बिजली जाती है, तो लोग भूखे रह जाते हैं… तो ये ट्रेन क्या करेगी? ये सब तो बस एक दिखावा है।