RBSE राजस्थान बोर्ड 12वीं परिणाम 2024 घोषित
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने शनिवार, 20 मई 2024 को शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए कक्षा 12 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के परिणाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किए गए। छात्र अपने रोल नंबर या पंजीकरण संख्या का उपयोग करके आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर अपने परिणाम देख सकते हैं।
परिणाम मंडल आयुक्त और बोर्ड प्रशासक श्री महेश चंद्र शर्मा द्वारा एक निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किए गए। उत्तीर्ण प्रतिशत और अंकों का वितरण जल्द ही घोषित किया जाएगा। माध्यमिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए, छात्रों को प्रत्येक विषय और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक या ग्रेड डी प्राप्त करना होगा।
लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर
पिछले वर्ष के परिणामों में एक महत्वपूर्ण लैंगिक अंतर देखा गया था, जहां लड़कियों ने वाणिज्य और विज्ञान संकाय में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया था। इस वर्ष भी लड़कियों के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन से प्रसन्न हैं और उम्मीद करते हैं कि वे इस वर्ष भी अच्छा प्रदर्शन करेंगी। हमारा लक्ष्य लैंगिक अंतर को कम करना और सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है।"
परिणाम की तैयारी
RBSE ने परिणाम तैयार करने के लिए व्यापक प्रक्रिया का पालन किया है। बोर्ड ने परीक्षा आयोजित करने, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने और परिणाम संकलित करने के लिए शिक्षकों और अधिकारियों की एक टीम का गठन किया था।
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमने परिणामों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। हमने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की है।"
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
परिणाम की घोषणा छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत है। कई छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे और परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
एक छात्र ने कहा, "मैं अपने परिणामों से बहुत खुश हूं। मेरी मेहनत रंग लाई है। मैं अब आगे की पढ़ाई के लिए तैयार हूं और एक अच्छा करियर बनाने की उम्मीद करता हूं।"
एक अभिभावक ने कहा, "मेरी बेटी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। मैं उसकी सफलता से बहुत खुश हूं। मैं RBSE को परिणाम समय पर घोषित करने के लिए धन्यवाद देता हूं।"
भविष्य की योजनाएं
RBSE भविष्य में परीक्षा प्रणाली में सुधार करने और छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड नई तकनीकों को अपनाने और छात्रों के लिए अधिक अवसर प्रदान करने पर विचार कर रहा है।
RBSE के अध्यक्ष ने कहा, "हम शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। हम छात्रों को आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करना चाहते हैं ताकि वे भविष्य में सफल हो सकें।"
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से भी सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी है ताकि वे शिक्षा प्रणाली को बेहतर बना सकें।
निष्कर्ष
RBSE राजस्थान बोर्ड 12वीं परिणाम 2024 की घोषणा छात्रों और अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। बोर्ड ने परीक्षा आयोजित करने और परिणाम तैयार करने में अथक प्रयास किया है। लड़कियों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है और लैंगिक अंतर को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
हम उन सभी छात्रों को बधाई देते हैं जिन्होंने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। हम RBSE के प्रयासों की भी सराहना करते हैं और आशा करते हैं कि वे भविष्य में भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहेंगे।
Prakash chandra Damor
मई 21, 2024 AT 10:50कुछ लोगों को तो बस इंजीनियरिंग चाहिए बाकी सबको डॉक्टर बनना है
Rohit verma
मई 21, 2024 AT 18:16हर लड़की जिसने अच्छा किया वो अपने घर का गौरव है
आगे भी ऐसा ही चलता रहे ये ट्रेंड!
Arya Murthi
मई 21, 2024 AT 19:52कला, विज्ञान, वाणिज्य सब में वो आगे हैं
मैंने अपनी बहन को देखा है, रात भर पढ़ती रहती है, और अब ये रिजल्ट आया... बस आंखें भर आईं!
Manu Metan Lian
मई 23, 2024 AT 02:35लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह सिर्फ एक आंकड़ा है, जिसका वास्तविक अर्थ तभी समझा जा सकता है जब हम शिक्षण गुणवत्ता, अध्यापक-छात्र अनुपात और अधिगम वातावरण का विश्लेषण करें।
सामाजिक लक्षणों के बिना आंकड़े अर्थहीन हैं।
Debakanta Singha
मई 23, 2024 AT 05:11हमें दोनों के लिए समान अवसर चाहिए, न कि एक को दूसरे से ऊपर रखना
अगर लड़कियां बेहतर हैं तो उनकी मेहनत की तारीफ करें, लेकिन लड़कों को भी सपोर्ट करें
swetha priyadarshni
मई 24, 2024 AT 01:08राजस्थान में लड़कियों के लिए स्कूलों में सुरक्षा, परिवार का समर्थन, और शिक्षकों की भावनात्मक उपलब्धता ने बहुत कुछ बदल दिया है
कई गांवों में अब माताओं के पास बेटियों के लिए अपने बेटों से ज्यादा उम्मीदें हैं, यही तो बदलाव का मूल है
और ये बदलाव सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की ट्रेंड देखी जा रही है
मैंने अपने एक दोस्त के घर में एक लड़की को देखा जो बार-बार बोर्ड की परीक्षा में फेल हो गई थी, लेकिन उसकी मां ने उसे छोड़ा नहीं, और आज वो एमबीए की तैयारी कर रही है
इस तरह की कहानियां ज्यादा सुननी चाहिए, न कि सिर्फ आंकड़े
हमें इसे एक सामाजिक जीत के रूप में देखना चाहिए, न कि बस एक रिजल्ट के रूप में
ये बदलाव जनता के विचारों में आया है, और इसके लिए हमें शिक्षकों, माता-पिता और स्थानीय समुदायों को धन्यवाद देना चाहिए
अगर ये ट्रेंड जारी रहा तो अगले 10 साल में हमारे देश के नेतृत्व में लड़कियां ही होंगी
और ये तो बहुत अच्छी बात है
tejas cj
मई 24, 2024 AT 20:59कोई असली बदलाव नहीं हुआ है, बस लड़के लापरवाह हो गए
Chandrasekhar Babu
मई 25, 2024 AT 23:14लड़कियों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि शिक्षा के अंतर्गत गुणात्मक अधिगम के एक नए युग की ओर संकेत देती है
सामाजिक संरचनाओं के अधीन लैंगिक समानता का आर्थिक और शैक्षिक निर्माण अब एक वास्तविक दृश्यता बन गया है
Pooja Mishra
मई 27, 2024 AT 20:45ये बस एक आलस्य का बहाना है, न कि लड़कियों का जादू
मैं तो अपने बेटे को भी बहुत ज्यादा पढ़ाती हूं, लेकिन वो तो बस गेम खेलता है
Khaleel Ahmad
मई 29, 2024 AT 10:42मैं चाहता हूं कि लड़के भी अपनी जिम्मेदारी लें
Liny Chandran Koonakkanpully
मई 30, 2024 AT 08:19अगर आप लड़कियों के रिजल्ट की तुलना राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में होने वाले प्रश्नों से करेंगे तो पता चलेगा कि ये सब झूठ है
ये सब राजनीति है, बस इतना ही
Anupam Sharma
मई 31, 2024 AT 02:05पढ़ाई एक जिंदगी का रास्ता है, न कि एक रेस जहां किसी को जीतना है
लेकिन अगर तुम्हें लगता है कि लड़कियों का ये जीत अन्याय है, तो शायद तुम्हें खुद को बदलने की जरूरत है
Payal Singh
मई 31, 2024 AT 19:47हर लड़की जिसने इस रिजल्ट में अच्छा किया, वो अपने घर का नहीं, बल्कि पूरे समाज का गौरव है
मैं जिन शिक्षकों को जानती हूं जो रात भर लड़कियों को पढ़ाते हैं, वो असली हीरो हैं
हमें इन लड़कियों को न सिर्फ बधाई देनी चाहिए, बल्कि उनके लिए अधिक सुरक्षित और समर्थक वातावरण भी बनाना चाहिए
अगर हम यही रास्ता जारी रखेंगे, तो अगली पीढ़ी में हमारे देश के सबसे बड़े नेता लड़कियां होंगी
avinash jedia
मई 31, 2024 AT 22:13Shruti Singh
जून 2, 2024 AT 01:35हमें इन लड़कियों को देखकर प्रेरित होना चाहिए, न कि ईर्ष्या करना!
Kunal Sharma
जून 3, 2024 AT 17:44लड़कियां जिन घरों में रहती हैं, जहां उन्हें रात 11 बजे तक पढ़ने की अनुमति नहीं है, जहां उनके बारे में कहा जाता है कि लड़की को बस शादी करनी है
उन्होंने इस सबके बीच भी अपने आप को बरकरार रखा है
ये जीत सिर्फ उनकी नहीं, उनकी मां की है, जिसने उन्हें लेकर गांव के लोगों के बहानों का सामना किया है
ये जीत उन शिक्षकों की है जिन्होंने उन्हें बताया कि तुम कुछ भी बन सकती हो
ये जीत उन लड़कियों की है जिन्होंने अपने भाई के फोन को छिपा दिया ताकि वो पढ़ सके
ये जीत उन लड़कियों की है जिन्हें बोर्ड के रिजल्ट के बाद अपने घर में बिना बात किए एक चाय की चुस्की दी गई
और अगर आप इसे बस एक आंकड़ा समझते हैं, तो आपने कुछ भी नहीं समझा
Raksha Kalwar
जून 4, 2024 AT 13:35himanshu shaw
जून 6, 2024 AT 00:40लड़कियों को आसान प्रश्न पूछे गए हैं।
लड़कों के लिए नियम बदल दिए गए हैं।
ये सब राजनीति है।
कोई भी विश्वास नहीं करे।
Rashmi Primlani
जून 7, 2024 AT 02:37लड़कियों का बेहतर प्रदर्शन उनकी व्यक्तिगत योग्यता का परिणाम नहीं, बल्कि एक समाज की विकासशील चेतना का प्रतिबिंब है।
हमें इसे एक विशिष्ट घटना के रूप में नहीं, बल्कि एक लंबे समय तक चलने वाले सामाजिक बदलाव के एक अंग के रूप में देखना चाहिए।
इसके लिए हमें अधिक शिक्षाविदों, माता-पिता और नीति निर्माताओं की भागीदारी की आवश्यकता है।
हमें लड़कियों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता नहीं, बल्कि उनके लिए समान अवसरों की आवश्यकता है।
यह रिजल्ट हमें याद दिलाता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का विकास है।
हमें इसे एक जीत के रूप में नहीं, बल्कि एक नए साझा भविष्य की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।