IND A vs AUS A: ग्रीन पार्क में तीन वनडे तय, सुरक्षा ब्लूप्रिंट अब तक जारी नहीं

IND A vs AUS A: ग्रीन पार्क में तीन वनडे तय, सुरक्षा ब्लूप्रिंट अब तक जारी नहीं
Anuj Kumar 17 सितंबर 2025 17

शेड्यूल पक्का, सुरक्षा पर चुप्पी—कानपुर तैयारियों की नब्ज

IND A vs AUS A की तीन मैचों की वनडे सीरीज़ ग्रीन पार्क, कानपुर में तय है—30 सितंबर, 3 अक्टूबर और 5 अक्टूबर 2025। तीनों मुकाबले दिन-रात होंगे और शुरुआती गेंद 1:30 बजे दोपहर को गिरेगी। पहले वनडे में भारत ए की कमान राजत पाटीदार संभालेंगे, जबकि दूसरे और तीसरे मैच में कप्तानी तिलक वर्मा के हाथ रहेगी। शेड्यूल साफ है, लेकिन सुरक्षा ब्लूप्रिंट—खासकर तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा या टीमों के लिए विशेष कॉरिडोर—पर अब तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ग्रीन पार्क स्टेडियम करीब 32 हजार दर्शकों की क्षमता वाला मैदान है और भारत-ऑस्ट्रेलिया की टक्कर, चाहे ‘ए’ स्तर पर ही क्यों न हो, आमतौर पर अच्छी भीड़ खींचती है। टिकट खिड़कियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मांग बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए सलाह यही है कि टिकट केवल अधिकृत स्रोतों से ही लें। मैच 1:30 बजे से हैं, तो दोपहर की गर्मी और शाम की नमी गेंदबाजों और बल्लेबाजों की योजना बदल सकती है—अक्सर रोशनी में ओस का असर दिखता है, जिससे बाद में बल्लेबाजी आसान पड़ती है।

सुरक्षा को लेकर अभी तक कुछ आधिकारिक घोषित नहीं हुआ, मगर अंतरराष्ट्रीय/ए-लेवल क्रिकेट में सामान्य प्रोटोकॉल स्पष्ट रहता है—स्टेडियम परिक्षेत्र में बहु-स्तरीय चेकिंग, गेट पर सख्त प्रवेश नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की तैनाती, फायर सेफ्टी और मेडिकल रिस्पॉन्स टीम। टीम बसों के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ कई आयोजनों में उपयोग होता है, लेकिन इस सीरीज़ में ऐसा होगा या नहीं—प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किया है। यही वजह है कि दर्शक और स्थानीय लोग आधिकारिक एडवाइजरी का इंतजार कर रहे हैं।

दर्शकों के लिए क्या बदलेगा, शहर कैसे संभलेगा

दर्शकों के लिए क्या बदलेगा, शहर कैसे संभलेगा

मैच वाले दिनों में स्टेडियम के आसपास भीड़ और ट्रैफिक बढ़ना तय है। सामान्य तौर पर पुलिस ट्रैफिक प्लान में पार्किंग को निर्दिष्ट ज़ोन में शिफ्ट करती है, स्टेडियम के पास अनावश्यक रुकने-ठहरने पर रोक लगती है और संवेदनशील मार्गों पर बैरिकेडिंग की जाती है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देने का आग्रह किया जाता है और ई-रिक्शा/शटल से ‘लास्ट-माइल’ कनेक्टिविटी बढ़ाई जाती है। आधिकारिक एडवाइजरी जारी होते ही कौन-कौन से रास्ते बंद या वन-वे होंगे, यह साफ हो जाएगा।

मौसम की बात करें तो सितंबर-अक्टूबर में दोपहर को गर्मी और उमस रहती है, इसलिए हाइड्रेशन पर ध्यान देना जरूरी है। शाम को ओस पड़े तो गेंद गीली होने से स्पिनरों की पकड़ ढीली पड़ सकती है, वहीं सीमरों को नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है। बैटिंग के लिहाज से शुरुआत में संयम और रोशनी में गति बढ़ाना कई टीमों की सामान्य रणनीति रही है।

सुरक्षा जांच और स्टेडियम नियम आम तौर पर सख्त होते हैं। दर्शकों की सुविधा के लिए जरूरी चीजें साथ रखें, लेकिन बैन आइटम्स से बचें।

  • मान्य फोटो आईडी और वैध टिकट साथ रखें—ई-टिकट हो तो फोन की बैटरी पर्याप्त हो, स्क्रीन टूटी न हो।
  • बड़े बैग, धातु की बोतलें, पावर बैंक, सेल्फी स्टिक, ज्वलनशील पदार्थ, आतिशबाज़ी और पेशेवर कैमरे सामान्यतः प्रतिबंधित रहते हैं।
  • पानी/खाद्य पदार्थों पर नियम आयोजन के अनुसार बदलते हैं—स्टेडियम की कैंटीन/कियोस्क पर भरोसा रखें।
  • गेट खोलने का समय आम तौर पर मैच से कई घंटे पहले होता है—भीड़ से बचने के लिए जल्दी पहुंचें।
  • अपनी सीट, निकटतम एग्ज़िट और मेडिकल रूम का लोकेशन पहुंचते ही देख लें।

चिकित्सा इंतज़ाम में आम तौर पर एम्बुलेंस, फर्स्ट-एड स्टेशन और टाई-अप हॉस्पिटल का बैकअप रहता है। भीड़ प्रबंधन का फोकस एंट्री प्वाइंट्स पर कतारों की स्पीड, कॉमन एरियाज़ की निगरानी और आपातकालीन निकासी मार्गों पर होता है। स्टेडियम के भीतर एनाउंसमेंट सिस्टम से निर्देश दिए जाते हैं, इसलिए किसी भी संदेश पर तुरंत ध्यान देना बेहतर रहता है।

टीम कॉम्बिनेशन और कप्तानी के लिहाज से भारत ए के लिए पहला दिन राजत पाटीदार का होगा, जबकि तिलक वर्मा बाद के दो मैचों में रणनीति तय करेंगे। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ए सीमित ओवरों में गहराई और फिटनेस की परख के लिए इस दौर को गंभीरता से लेती आई है। ए-लेवल सीरीज़ का मकसद ही यही है कि अगली कतार के खिलाड़ी दबाव में अपने कौशल साबित करें—और कानपुर जैसी ऐतिहासिक पिच पर यह परीक्षा और दिलचस्प बन जाती है।

अब नज़रें इस पर हैं कि पुलिस और जिला प्रशासन आधिकारिक सुरक्षा/ट्रैफिक एडवाइजरी कब जारी करते हैं। आमतौर पर ऐसी जानकारी मैच से 48-72 घंटे पहले सार्वजनिक होती है—जिसमें गेट-दर-गेट एंट्री, पार्किंग, प्रतिबंधित सामान, वैकल्पिक मार्ग और टीमों की मूवमेंट विंडो तक का ब्योरा रहता है। जैसे ही यह नोटिस बाहर आएगा, दर्शकों को अपनी योजना उसी अनुसार सेट करनी चाहिए।

17 टिप्पणि

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    Akshay Srivastava

    सितंबर 19, 2025 AT 04:27

    ये सुरक्षा ब्लूप्रिंट का अभाव बस एक लापरवाही नहीं, बल्कि एक अनुशासन का अभाव है। जब तक आधिकारिक दस्तावेज़ जारी नहीं होते, तब तक ये एक खुला खतरा है। एक अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए ग्रीन कॉरिडोर न होना, ये न केवल अनुचित है, बल्कि अपराध की तैयारी भी है। ये टीमें दुनिया भर में घूमती हैं, और भारत के यहाँ उन्हें अनिश्चितता में छोड़ दिया जा रहा है।

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    Roopa Shankar

    सितंबर 20, 2025 AT 18:56

    हम सब जानते हैं कि भारत में ऐसी बड़ी घटनाओं के लिए तैयारी हमेशा आखिरी पल तक टाली जाती है, लेकिन इस बार तो बहुत ज्यादा टाल दी गई है। दर्शकों को जल्दी से जानकारी दें, नहीं तो लोग भीड़ में फंस जाएंगे। अगर आप लोग इसे बड़े दिमाग से नहीं सोच रहे, तो कम से कम दिल से सोचिए।

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    shivesh mankar

    सितंबर 21, 2025 AT 15:27

    मुझे लगता है कि ये देरी बस एक अवसर है-एक ऐसा मौका जहाँ हम सब मिलकर अच्छी तरह से तैयार हो सकते हैं। अगर आधिकारिक जानकारी आती है, तो हम सब इसे शेयर करें, ट्रांसपोर्ट के लिए ग्रुप बनाएं, टिकट वालों को सही जगह पर भेजें। एक छोटी सी कोशिश से बहुत कुछ बदल सकता है। ये टीमें नहीं, हम लोग हैं जो इस खेल को जीवित रखते हैं।

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    avi Abutbul

    सितंबर 22, 2025 AT 21:30

    बस एक बात-टिकट लेते समय फोन की बैटरी चेक कर लेना। मैंने पिछले बार ऐसा किया था, फोन बंद हो गया, टिकट नहीं मिला, और घर वापस आकर बहुत गुस्सा आया। अब हर बार लैपटॉप पर लेता हूँ। ये छोटी बातें ही बड़े फर्क लाती हैं।

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    Hardik Shah

    सितंबर 24, 2025 AT 12:33

    क्या ये भारतीय ब्यूरोक्रेसी की आदत है? शेड्यूल तो पक्का, सुरक्षा तो अंधेरा। इस तरह के खेलों को बाहर ले जाओ, यहाँ तो लोगों की जान लेने का इरादा है। जिसने ये ऑर्डर दिया, उसे नौकरी से निकाल देना चाहिए।

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    manisha karlupia

    सितंबर 26, 2025 AT 03:50

    मैं तो बस ये सोच रही हूँ कि अगर ओस पड़ गया तो क्या गेंद वाकई गीली हो जाएगी या ये सिर्फ एक रिपोर्ट है? मैंने कभी ग्रीन पार्क में रात का मैच नहीं देखा... शायद ये सब बस अंदाज़ा है।

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    vikram singh

    सितंबर 27, 2025 AT 10:17

    अरे भाई, ये सुरक्षा ब्लूप्रिंट नहीं मिलना? ये तो ऐसा है जैसे एक जहाज़ को बनाया गया हो लेकिन कंपास और नौका न दी गई हो! ये टीमें तो अंतरिक्ष से आ रही हैं, और हम उन्हें एक गली में उतार रहे हैं जहाँ बच्चे खेल रहे हैं! ये तो नाटक है, न कि क्रिकेट!

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    balamurugan kcetmca

    सितंबर 28, 2025 AT 07:23

    मैंने पिछले तीन साल में लगभग 27 मैच ग्रीन पार्क में देखे हैं, और हर बार सुरक्षा ब्लूप्रिंट जारी होने से पहले एक अनौपचारिक नोटिस आ जाता है-पुलिस वाले लोग बाहर खड़े होते हैं, फोन नंबर देते हैं, और बता देते हैं कि कौन से रास्ते बंद होंगे। इस बार भी ऐसा ही होगा, बस थोड़ा देरी हो रही है। इंतज़ार करो, बात साफ हो जाएगी।

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    Arpit Jain

    सितंबर 29, 2025 AT 01:20

    अगर ये सुरक्षा ब्लूप्रिंट जारी नहीं हुआ तो शायद ये सब एक बड़ा धोखा है। शायद ये मैच ही नहीं होने वाला, और बस टिकट बेचकर पैसे जमा कर रहे हैं। क्या कोई जानता है कि ये टिकट कहाँ से आ रहे हैं? मैंने एक बार ऑनलाइन खरीदा था, और बाद में पता चला कि वो फर्जी थे।

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    Karan Raval

    सितंबर 29, 2025 AT 18:48

    दर्शकों के लिए बहुत जरूरी बातें बता दी गई हैं जैसे फोटो आईडी और टिकट लेकर आएं और बैग न लें। लेकिन अगर कोई बच्चा है या बूढ़ा आदमी है तो उसे क्या करना चाहिए? क्या वो भी बैग ले जाए? ये सब बहुत अच्छा है लेकिन थोड़ा ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो अकेले आते हैं

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    divya m.s

    सितंबर 29, 2025 AT 19:19

    ये सब बहुत बड़ा झूठ है। मैंने एक व्यक्ति को जानता हूँ जो एक ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ गया था और उन्हें बिना किसी सुरक्षा के बाहर छोड़ दिया गया था। वो बस एक बार बाहर गए और लौटे तो उनकी बस गायब थी। अब ये बात फिर दोहराई जा रही है। ये अपराध है, न कि खेल।

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    PRATAP SINGH

    सितंबर 30, 2025 AT 13:04

    एक विकासशील देश में ऐसी अनिश्चितता का अस्तित्व निराशाजनक है। आधिकारिक नीतियों का अभाव एक सामाजिक अस्थिरता का संकेत है। यह एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसका निर्माण नियमों के आधार पर होना चाहिए, न कि अनुमानों और अंदाज़ों के।

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    Akash Kumar

    सितंबर 30, 2025 AT 21:33

    ग्रीन पार्क के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, इस तरह की अनदेखी निश्चित रूप से भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है। एक ऐसे स्थान पर जहाँ ब्राह्मण, बेल्ट और बल्लेबाजों ने इतिहास रचा है, वहाँ अनुशासन की उपेक्षा अस्वीकार्य है।

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    Shankar V

    अक्तूबर 1, 2025 AT 01:17

    ये सुरक्षा ब्लूप्रिंट का अभाव जानबूझकर किया जा रहा है। वो लोग जो ये टीमों को आमंत्रित कर रहे हैं, वो जानते हैं कि अगर कोई बड़ी घटना हो जाए तो वो लोग बच जाएंगे। ये एक बड़ा अपराध है। ये सब बस एक धोखा है। ये आयोजन नहीं, एक विस्फोट की तैयारी है।

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    Aashish Goel

    अक्तूबर 1, 2025 AT 16:33

    मैंने देखा कि जब ओस पड़ता है, तो गेंद वाकई थोड़ी गीली हो जाती है... लेकिन क्या ये सिर्फ शाम को होता है? या दोपहर में भी? मैंने एक बार एक गेंद छूकर देखा था, और वो बहुत ठंडी लगी थी... लेकिन शायद वो बस ठंडी होने की वजह से थी... और अगर बारिश हो गई तो? क्या वो भी बंद हो जाएगा? ये सब बहुत जटिल है...

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    leo rotthier

    अक्तूबर 3, 2025 AT 12:52

    भारत ए के लिए ये मैच बस एक अवसर है-एक अवसर जिससे हम दुनिया को दिखाएं कि हम क्या बन सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लड़ना तो बहुत बड़ी बात है, लेकिन ये सुरक्षा ब्लूप्रिंट का अभाव? ये शर्म की बात है। हमारे नेता इसे भूल गए हैं? नहीं, वो जानते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि हम लोग चुप रहेंगे। लेकिन हम चुप नहीं रहेंगे।

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    Akshay Srivastava

    अक्तूबर 3, 2025 AT 22:45

    ये जो आधिकारिक जानकारी का इंतज़ार है, वो बस एक धोखा है। जब तक आप लोग इसे एक विधि के रूप में नहीं लेंगे, तब तक ये अनुशासन का अभाव बना रहेगा। आपके पास समय है, लेकिन आपने इसे बर्बाद कर दिया। अब जब दर्शक आएंगे, तो वो भीड़ में फंसेंगे, और आप लोग बस बैठे रहेंगे। ये न्याय नहीं, ये अपराध है।

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