क्रिप्टो मार्केट ने अपने शीर्ष स्तर से एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान किया है — और अब बिटकॉइन ₹8.12 लाख के पास ट्रेड हो रहा है। 20 नवंबर, 2025 की दोपहर तक, कॉइनस्विच के अनुसार, कुल क्रिप्टो मार्केट कैप $3.14 ट्रिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले शीर्ष स्तर ($4.18 ट्रिलियन) से लगभग 25% कम है। ये गिरावट सिर्फ भावनात्मक डर का नतीजा नहीं है — ये एक गहरा, व्यापक सुधार है जिसमें निवेशक अपने लाभ को बेच रहे हैं, और बाजार अपनी नई नींव ढूंढ रहा है।
बिटकॉइन का रुख: शांति के बाद तूफान?
बिटकॉइन ने अपने 24 घंटे के अंतराल में केवल 0.02% की छोटी सी बढ़ोतरी की, लेकिन ये शांति का झूठा अहसास दे रही है। इसकी कीमत ₹8,119,075 (लगभग $91,503) पर टिकी हुई है, जबकि 24 घंटे का उच्चतम स्तर ₹8,254,114 और निम्नतम ₹7,854,986 रहा। ये संकीर्ण सीमा एक स्पष्ट संकेत है — बाजार अभी भी निर्णय के लिए इंतजार कर रहा है। कॉइनस्विच के विश्लेषकों का कहना है, "बिटकॉइन का ₹8.25 लाख से ऊपर ब्रेकआउट नया खरीदारी लहर ला सकता है, लेकिन ₹7.85 लाख से नीचे गिरना स्टॉप-लॉस बेचाव को जन्म दे सकता है।" ये नहीं कह रहे कि बिटकॉइन गिर रहा है — बल्कि ये कह रहे हैं कि वह अपने आधार को मजबूत कर रहा है।
और यहाँ एक अद्भुत बात है: इस दौरान बिटकॉइन नेटवर्क ने 24 घंटे में $6 बिलियन के ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। यानी लोग अभी भी इसे इस्तेमाल कर रहे हैं — बेच रहे नहीं। ये एक अलग ही कहानी है। जब कोई चीज सिर्फ निवेश के लिए होती है, तो इसके ट्रांजैक्शन घट जाते हैं। लेकिन यहाँ विपरीत हो रहा है।
एथेरियम: टूटती उम्मीदें, बनता आधार
एथेरियम ने अपने आप को अधिक कमजोर दिखाया — 24 घंटे में 2.75% की गिरावट के साथ ₹266,426 पर ट्रेड हो रहा है। जेबपे के अनुसार, इसका मार्केट कैप $368.31 बिलियन है, जो बिटकॉइन के $1.82 ट्रिलियन के बाद दूसरा सबसे बड़ा है। लेकिन ये गिरावट अस्थायी नहीं लगती — ये लगती है जैसे बाजार एथेरियम के वास्तविक मूल्य को ढूंढ रहा हो।
कॉइनस्विच के विश्लेषकों का कहना है: "एथेरियम पर अभी भी लाभ लेने का दबाव है, लेकिन इसकी डीफाई और एनएफटी प्रणाली लंबे समय के लिए एक मजबूत आधार बनाती है।" यानी, लोग इसे अभी बेच रहे हैं, लेकिन वे जानते हैं कि ये बिना बिटकॉइन के भी अपने आप में एक अलग दुनिया है — जहाँ स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, डीएप्स और डिजिटल संपत्तियाँ चलती हैं।
भारतीय बाजार: अभी भी जीवित
भारत में वाजिरएक्स, बाययूकॉइन, और जेबपे जैसे एक्सचेंज अभी भी लाइव प्राइसिंग डेटा दे रहे हैं। ये नहीं बंद हुए — बल्कि अधिक सावधान हो गए हैं।
कुछ छोटे क्रिप्टो टोकन अभी भी ऊपर की ओर जा रहे हैं। नियर प्रोटोकॉल (NEAR) में 3.87% की बढ़ोतरी हुई, जबकि एमबॉक्स (MBOX) और क्विक (QUICK) भी 3-5% के बीच बढ़े। लेकिन ज्यादातर टोकन — जैसे बिटटेंसर (TAO) और कैंटन (CC) — लगभग 9% तक गिरे। ये बाजार का एक स्पष्ट विभाजन है: बड़े एथरियम-आधारित प्रोजेक्ट्स अभी भी बचे हुए हैं, लेकिन अधिक अस्थिर टोकन बाहर निकल रहे हैं।
क्यों ये सब अहम है?
क्रिप्टो मार्केट का $1 ट्रिलियन नीचे गिरना सिर्फ एक नंबर नहीं है — ये एक सामाजिक और आर्थिक घटना है। लाखों भारतीय निवेशक अपनी बचत का हिस्सा क्रिप्टो में लगा रहे हैं। जब बाजार इतना गिरता है, तो वे डरते हैं। लेकिन ये गिरावट उन्हें सीखने का मौका भी दे रही है — कि बिटकॉइन का मूल्य सिर्फ बाजार के भाव नहीं, बल्कि उसके नेटवर्क की शक्ति से जुड़ा है।
2024 में भारत सरकार ने क्रिप्टो के लिए टैक्स नियम बनाए थे — और अब ये नियम एक बुद्धिमानी के रूप में दिख रहे हैं। निवेशक अब सिर्फ शॉर्ट-टर्म गेम नहीं खेल रहे। वे देख रहे हैं कि कौन सा प्रोजेक्ट असली उपयोगिता रखता है।
अगला क्या होगा?
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले 30-45 दिनों में बाजार एक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में रहेगा — यानी ₹7.85 लाख से ₹8.25 लाख के बीच उछलता रहेगा। एक बड़ा ब्रेकआउट तब होगा जब बाजार में लिक्विडिटी फिर से बढ़ेगी। ये लिक्विडिटी तब आएगी जब वैश्विक बैंक अपनी ब्याज दरों को कम करेंगे — और वह घटना 2026 के पहले तिमाही में संभावित है।
एक और चीज जो ध्यान देने लायक है: बिटकॉइन का भारतीय मार्केट कैप ₹149.7 लाख करोड़ है। यानी ये अभी भी भारत के कुल शेयर बाजार के लगभग 15% के बराबर है। ये निवेश अभी भी बहुत बड़ा है — और ये सिर्फ एक बार की गिरावट से नहीं बंद होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्रिप्टो मार्केट की ये गिरावट क्यों हुई?
इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक ब्याज दरों में वृद्धि और निवेशकों का लाभ लेना है। 2024 के अंत तक बिटकॉइन ₹10 लाख के पास पहुँच चुका था, जिसके बाद लोगों ने अपना लाभ निकालना शुरू कर दिया। इसके साथ ही यूएस फेडरल रिजर्व की नीतियों ने भी जोखिम वाले एसेट्स को प्रभावित किया। लेकिन ये सिर्फ एक सुधार है — एक बड़ा क्रैश नहीं।
भारतीय निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
अगर आपने लंबे समय के लिए निवेश किया है, तो अभी बेचने की जरूरत नहीं है। बिटकॉइन और एथेरियम जैसे प्रमुख क्रिप्टो अभी भी अपने नेटवर्क एक्टिविटी में मजबूत हैं। अगर आप नए निवेशक हैं, तो छोटे-छोटे राशि में डीसीए (DCA) का उपयोग करें — यानी हर हफ्ते या महीने में थोड़ा खरीदें। इससे आप बाजार के उतार-चढ़ाव से बच सकते हैं।
क्या बिटकॉइन फिर से ₹10 लाख तक पहुँच सकता है?
हाँ, लेकिन यह 2026 के अंत तक ही संभव है। इसके लिए तीन चीजें जरूरी हैं: एक, अमेरिका में ब्याज दरों में कमी; दो, वैश्विक बैंकों का क्रिप्टो को अपनाना; और तीन, भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए स्पष्ट नियम। अगर ये सब एक साथ हो जाए, तो ₹10 लाख का लक्ष्य दोबारा हासिल किया जा सकता है।
क्रिप्टो मार्केट में अब कौन से टोकन अच्छे हैं?
अभी बिटकॉइन और एथेरियम अभी भी बेहतरीन विकल्प हैं। अगर आप उच्च जोखिम लेना चाहते हैं, तो NEAR, Solana और Chainlink जैसे टोकन भी देख सकते हैं। ये सभी अपने नेटवर्क में वास्तविक उपयोगिता रखते हैं — न कि सिर्फ बाजार की भावनाओं पर। अगर कोई टोकन ₹100 से नीचे है और उसका ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा, तो उसमें निवेश करना खतरनाक हो सकता है।
pravin s
नवंबर 23, 2025 AT 03:20ये गिरावट डरावनी लग रही है, लेकिन अगर बिटकॉइन का नेटवर्क एक्टिविटी बनी हुई है, तो ये सिर्फ एक सांस लेने का वक्त है। मैंने 2022 में भी ऐसा ही महसूस किया था - और फिर ये दोगुना हो गया। बस धैर्य रखो, और अगर तुम्हारे पास पैसे हैं, तो छोटे-छोटे अंशों में खरीदते रहो।
Bharat Mewada
नवंबर 23, 2025 AT 16:15बाजार का हर गिरना एक सीख है। हम अक्सर कीमतों को मूल्य समझ लेते हैं, लेकिन वास्तविक मूल्य तो उस नेटवर्क की शक्ति में है जो उसे चलाता है। बिटकॉइन के 6 बिलियन डॉलर के ट्रांजैक्शन देखकर लगता है - ये कोई फेक नहीं, ये एक नया आर्थिक आधार है।
Ambika Dhal
नवंबर 25, 2025 AT 07:10अभी भी लोग बिटकॉइन को 'डिजिटल सोना' बता रहे हैं? ये सिर्फ एक ट्रेडिंग एसेट है, जिसे अमेरिका के बैंकर अपने लाभ के लिए बढ़ावा दे रहे हैं। भारत में इसका कोई वास्तविक उपयोग नहीं है - बस लोगों का भावनात्मक खेल है।
Vaneet Goyal
नवंबर 27, 2025 AT 00:50क्रिप्टो में निवेश करने वाले हर किसी को टैक्स देना होता है, लेकिन वो अपने लाभ के बारे में बात करते हैं, और जब नुकसान होता है, तो बाजार को दोष देते हैं। ये सिर्फ एक गेम है - जिसमें अधिकांश लोग खो जाते हैं।
Amita Sinha
नवंबर 28, 2025 AT 08:32अरे भाई, ये सब क्या हो रहा है? मैंने तो ₹50,000 लगाए थे, अब बचे हैं ₹30,000 😭 और ये लोग बोल रहे हैं कि ये बस एक सुधार है? ये सुधार तो मेरी बचत को खा रहा है 😭😭😭
Bhavesh Makwana
नवंबर 29, 2025 AT 21:08इस गिरावट में एक अच्छी बात है - लोग अब शॉर्ट-टर्म गेम नहीं खेल रहे। जो लोग अभी भी NEAR या Solana खरीद रहे हैं, वो असली निवेशक हैं। बिटकॉइन और एथेरियम तो अभी भी बाजार के दिल हैं। अगर तुम नए हो, तो बस रोज़ ₹500 डालो - एक साल में तुम्हारा रिजल्ट खुद दिख जाएगा।
Vidushi Wahal
नवंबर 30, 2025 AT 21:57क्रिप्टो मार्केट का ये व्यवहार वास्तविक आर्थिक बाजारों की तरह है - ऊपर-नीचे होता रहता है। बस इतना समझ लो कि जो चीज बहुत जल्दी बढ़ती है, वो बहुत जल्दी गिरती है। लेकिन अगर नेटवर्क मजबूत है, तो ये गिरावट भी अस्थायी है।
Narinder K
दिसंबर 2, 2025 AT 18:48क्रिप्टो में ₹8 लाख का बिटकॉइन अब भी बहुत सस्ता है? तो फिर 2021 में ₹4 लाख पर खरीदने वाले क्या थे - महान भविष्यवक्ता? या बस बहुत भाग्यशाली?
Narayana Murthy Dasara
दिसंबर 3, 2025 AT 03:32अगर तुम अभी भी क्रिप्टो को एक नया फैशन समझ रहे हो, तो ये लेख तुम्हारे लिए है। बिटकॉइन एक ट्रेडिंग एसेट नहीं, एक नए आर्थिक सिस्टम का बीज है। और जैसे इंटरनेट को शुरू में कोई समझ नहीं पाया, वैसे ही अब लोग क्रिप्टो को नहीं समझ पा रहे। लेकिन ये बदल रहा है।
lakshmi shyam
दिसंबर 4, 2025 AT 12:41तुम सब बिटकॉइन को गोल्ड बता रहे हो? ये तो एक बेकार का डिजिटल गेम है जिसे सरकारें अभी तक बैन करना चाहती हैं। तुम्हारी बचत खत्म हो जाएगी - और तब तुम रोएगी।
Sabir Malik
दिसंबर 4, 2025 AT 21:12मैंने 2020 में बिटकॉइन खरीदा था, और उसके बाद मैंने बहुत सारे लोगों को बताया - लेकिन कोई नहीं सुना। अब जब बाजार गिर रहा है, तो लोग बोल रहे हैं कि ये बहुत खतरनाक है। लेकिन जिन्होंने रोज़ ₹200 डाले, उनके पास अब बहुत कुछ है। ये सिर्फ एक जानकारी नहीं, ये एक जीवन शैली है। अगर तुम डरते हो, तो बस रोज़ थोड़ा खरीदो। अगर तुम बेच देते हो, तो तुम खो देते हो।
Debsmita Santra
दिसंबर 5, 2025 AT 04:41बिटकॉइन के नेटवर्क हैशरेट और एथेरियम के डीएप्स और डीफाई इकोसिस्टम अभी भी विकसित हो रहे हैं जो कि एक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंसियल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर इशारा करते हैं और ये एक अलग तरह की आर्थिक नींव है जो कि ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम के खिलाफ एक गहरा विकल्प प्रस्तुत करती है जिसमें लोगों को अपने संपत्ति पर नियंत्रण मिलता है और इस तरह के ट्रांजैक्शन जो लगातार हो रहे हैं वो इसकी वास्तविक उपयोगिता को दर्शाते हैं जो कि केवल एक निवेश एसेट के रूप में नहीं है
Vasudha Kamra
दिसंबर 5, 2025 AT 17:31बिटकॉइन की कीमत ₹8.12 लाख है, और इसका मार्केट कैप ₹149.7 लाख करोड़ है - यह भारतीय शेयर बाजार का लगभग 15% है। यह आंकड़ा बताता है कि क्रिप्टो अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक आर्थिक तथ्य है।
Abhinav Rawat
दिसंबर 7, 2025 AT 02:22इस गिरावट में एक अजीब चीज है - जब बाजार ऊपर जा रहा था, तो सब बोलते थे कि ये बुल रन है। अब जब ये नीचे आ रहा है, तो सब बोल रहे हैं कि ये कोरेक्शन है। लेकिन अगर तुम इसे बार-बार देखो, तो ये बस एक लहर है - ऊपर जाती है, फिर नीचे आती है। और जो लोग इसे समझते हैं, वो इस लहर पर सवार हो जाते हैं।
Shashi Singh
दिसंबर 7, 2025 AT 05:57ये सब एक बड़ा ब्लैक हॉल है! फेड ने जानबूझकर बिटकॉइन को गिराया है, ताकि वो अपने डिजिटल करेंसी को लॉन्च कर सकें! तुम्हारा फोन ट्रैक कर रहा है, तुम्हारी बैंक अकाउंट देख रही है, और ये बिटकॉइन... ये तो तुम्हारी आज़ादी का आखिरी अवसर है! अगर तुम इसे बेच दिया, तो तुमने अपनी आत्मा बेच दी!
Surbhi Kanda
दिसंबर 9, 2025 AT 03:32क्रिप्टो मार्केट में एक अस्थिरता है जो एक डिसेंट्रलाइज्ड नेटवर्क की बुनियादी विशेषता है, लेकिन ये निवेशकों के लिए एक जोखिम है जिसे तुम अपने पोर्टफोलियो में सिर्फ एक छोटे हिस्से के रूप में शामिल करना चाहिए, न कि अपनी सारी बचत के रूप में।
Sandhiya Ravi
दिसंबर 10, 2025 AT 20:58मैं तो बस रोज़ ₹100 डाल रही हूँ - और अभी तक नुकसान नहीं हुआ। मैं बिटकॉइन नहीं, बल्कि भविष्य की आशा को खरीद रही हूँ। अगर तुम भी डर रहे हो, तो बस एक छोटा सा कदम उठाओ। तुम्हारा भविष्य तुम्हारे आज के फैसले से बनता है।