कुलदीप यादव ने एशिया कप 2025 की जीत में एड्रियन ले रूक्स को दिया श्रेय

कुलदीप यादव ने एशिया कप 2025 की जीत में एड्रियन ले रूक्स को दिया श्रेय
Anuj Kumar 9 अक्तूबर 2025 17

जब कुलदीप यादव, बाएँ‑भुजा कलाई‑स्पिनर ने 15 अक्टूबर 2025 को दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान को 146 रन पर रोकते हुए 4/30 की जिद्दी लीड ली, तो हर बाररूम में धधकती आवाज़ें सुनाई दीं। यहाँ सिर्फ एक चार wicket नहीं, बल्कि असली कहानी एक दर्द‑भरे विराम के बाद की वापसी की थी—और वह भी तब, जब वह इंग्लैंड टूर में बेंच से देखे जा रहे थे।

इस जीत में एड्रियन ले रूक्स, भारत की स्ट्रेंथ‑एंड‑कंडीशनिंग कोच ने निभाई प्रमुख भूमिका, यही यथार्थ यद्यपि यंत्रणा के पर्दे के पीछे छिपा था। "पांच महीने की कड़ी मेहनत ने सब कुछ बदल दिया," वह खुद ही कहते हैं, जब उन्होंने विराट कोहली के साथ एक इंटरव्यू में इस बदलाव को बताया।

अस्थाई दर्द से अद्भुत वापसी तक

2024 की टी‑20 वर्ल्ड कप के बाद यद्यपि यद्यपि यद्यपि यद्यपि कुलदीप को स्पोर्ट्स हर्निया की चोट ने पाँच महीने तक बैन कर दिया था, फिर भी वह जागे हुए सपनों को छोड़ नहीं सके। दलेप ट्रॉफी के मैदानों में, जहाँ वह अपने पेनरिंग वारियर्स को हराना चाहता था, उसने अपनी गति फिर से पाई। यह मंच, अक्सर टीम‑इंट्रानेट के रूप में उपयोग किया जाता है, लेकिन उसके लिये यह एक निजी प्रयोगशाला बन गया।

पहले दो मैचों में वह हल्की गति से और छोटे रन सप्लाई के साथ ऑन‑फिल्ड रहा। फिर धीरे‑धीरे, कोच ले रूक्स की निगरानी में, उसकी ट्रेनिंग रूटीन में बॉडियो‑मैकेनिक्स, फुर्ती और पेल्विक स्थिरता को बखूबी जोड़ा गया। "हमने हर सत्र को पाँच महीने तक चलाया, जिसमें फिजियो, बायोमैकेनिक्स और बॉल‑ट्रैकिंग शामिल था," यथार्थवादी ढंग से वह कहते हैं।

एशिया कप 2025 में रिकॉर्ड‑तोड़ परफॉर्मेंस

दुबई में एशिया कप के फाइनल में भारत ने जब 146/7 पर पेश आया, तो कई विशेषज्ञों ने कहा था कि तालाब में फेंकी गयी पतली गेंदों से ही जीत पक्की होगी। लेकिन कुलदीप की चार wicket, जिसमें सलमान अली आघा का आउट भी शामिल था, ने लंदन के इन ऑफ़‑साइड पिच को हिला दिया। वह अब एशिया कप के इतिहास में 36 विकेट के साथ सबसे अधिक स्कैल्प वाले बॉलर बन गए—तीन अधिक लासिथ मालींगा के रिकॉर्ड से।

इस अद्भुत आंकड़े का धार्मिक मतलब कुछ नहीं, पर क्रिकेट के आँकड़े कहां तक मन को ज़ोर देते हैं, यह समझना जरूरी है। 18 मैचों में 36 विकेट—इसे 2 विकेट प्रति मैच के औसत से भी अधिक कहा जा सकता है। साथ ही, उनका स्ट्राइक रेट (11.9) और औसत (13.39) अभी भी भारत के टॉप‑टेन T20I वीकटेकर्स में सर्वश्रेष्ठ है।

कोच एड्रियन ले रूक्स की भूमिका

कोच एड्रियन ले रूक्स की भूमिका

जब कुलदीप ने कहा, "मैंने अपने कदमों को तेज किया, कोण नहीं बदला, और बॉडि को सीधा रखकर बॉल को अधिक स्थिर किया," तो वह सीधे ले रूक्स के प्रशिक्षण सिद्धांतों की ओर इशारा कर रहे थे। ले रूक्स, जिनका मूल यूरोप से है, ने भारतीय खेल विज्ञान में कई नई चीज़ें लाईं—जैसे टारगेटेड हिप‑हिंगे एक्सरसाइज़ और हाई‑इंटेंसिटी इंटर्वल ट्रेनिंग, जो विशेष रूप से स्पिनर के लिए फायदेमंद हैं।

एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में ले रूक्स ने कहा, "कुलदीप का लक्ष्य सिर्फ फिट होना नहीं था, बल्कि उसके रिदम को फिर से ज़िंदा करना था। हमने उसके रन‑अप को दो‑तीन महीने में 20% तेज़ किया, साथ‑साथ बॉल की रिलीज़ पॉइंट को स्थिर रखा। यह काम नहीं किया तो वह फिर से बेंच पर बैठा रहता।" यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उनकी साझेदारी ने पूरी टीम को ऊर्जा दी।

भविष्य के लिए राहें

भविष्य के लिए राहें

एशिया कप के बाद, भारतीय क्रीड़ा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कुलदीप को 2027 ODI विश्व कप की पहली टीम में शामिल करने का निर्णय लिया। लेकिन टेस्ट में अभी भी चुनौती बनी हुई है—2024 की इंग्लैंड टूर में उन्हें बाहर रखा गया था। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि वह अपनी नई तकनीक को स्थायी रख पाते हैं, तो आने वाले पीढ़ी के तेज़ बट्समैन भी उनके स्पिन से डरेंगे।

संजय मांजरेकर, स्टार स्पोर्ट्स के पूर्व खिलाड़ी‑एनालिस्ट, ने टूटा-फूटते बॉल की बात करते हुए कहा, "कुलदीप ने अब नकली अल्फ़ा मोमेंट नहीं बनाया, बल्कि सही लाइन और लम्बाई पर भरोसा किया है। यह ही उसकी ताकत है।" ICC ने भी उसका मान्यता स्तर बढ़ाते हुए कहा कि वह सबसे तेज़ भारतीय बॉलर है जिसने 30 मैच में 50 T20I विकेट हासिल किए। यह आंकड़ा 28 जुलाई 2023 को वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ गयाना में बना था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुलदीप यादव का एशिया कप रिकॉर्ड किस तरह का है?

कुलदीप ने एशिया कप 2025 में कुल 36 विकेट लिए, जो उन्होंने 18 मैचों में हासिल किए। यह संख्या लासिथ मालींगा के 33 विकेट के पुराने रिकॉर्ड को 3 विकेट से पार करती है, और वह अब इतिहास में सबसे अधिक एशिया कप स्कैल्प वाले बॉलर बन गए हैं।

एड्रियन ले रूक्स की ट्रेनिंग ने कुलदीप की वापसी में क्या किया?

ले रूक्स ने पाँच महीने की कड़ी फिटनेस और बॉल‑ट्रैकिंग सत्रों के ज़रिए कुलदीप की बॉडी मैकेनिक्स, रन‑अप गति और बॉल रिलीज़ को पुनः व्यवस्थित किया। इस प्रक्रिया ने उसे फिर से सही लम्बाई और रिदम देने में मदद की, जिससे वह फाइनल में चार विकेट ले सके।

क्या कुलदीप का टेस्ट में वापस आने की संभावना है?

वर्तमान में कुलदीप को टेस्ट में जगह नहीं मिली है, खासकर 2024 की इंग्लैंड टूर में बाहर रखा गया। फिर भी यदि वह अपनी नई तकनीक को लगातार लागू रखेंगे और घरेलू कोहरा में प्रभावी प्रदर्शन करेंगे, तो कॉचेज़ उनके लिये अवसर तलाश सकते हैं।

एशिया कप 2025 का कुलदीप के करियर पर क्या असर पड़ेगा?

एशिया कप ने कुलदीप को विश्व स्तर पर और अधिक विश्वसनीय बॉलर बना दिया। रिकॉर्ड‑तोड़ प्रदर्शन, साथ ही इंटर्नैशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की मान्यता, उन्हें 2027 के विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मुख्य भूमिका दिलाने में मदद करेंगे।

दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल कैसे रहा?

फाइनल 15 अक्टूबर 2025 को दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, दुबई में खेला गया। भारत ने 146/7 पर पाकिस्तान को रोक दिया और 4/30 के शानदार बॉलिंग प्रदर्शन के साथ जीत हासिल की। इस जीत से भारत ने अपना नौवाँ एशिया कप खिताब सुरक्षित किया।

17 टिप्पणि

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    Nayana Borgohain

    अक्तूबर 9, 2025 AT 00:37

    कुशलता की चादर पर चमकते सितारे 🌟

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    Abhishek Saini

    अक्तूबर 14, 2025 AT 16:37

    बिलकुल सही कहा रे, कुलदीप की मेहतन का फल है ये। कोच ले‑रुक्स की ट्रेनिंग ने उसकी बॉडी मैकेनिक्स को फिर से तेज कर दिया। आगे भी ऐसी ही मेहनत देखते रहेंगे।

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    sangita sharma

    अक्तूबर 20, 2025 AT 08:37

    यह देखना दरकिन है कि चोट के बाद भी धैर्य और आत्मविश्वास ने कुलदीप को इस स्तर पर पहुंचाया। फिजियोथेरेपी और बेवकूफी से भरपूर अडिगता, यही असली प्रेरणा है।

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    PRAVIN PRAJAPAT

    अक्तूबर 26, 2025 AT 00:37

    सबको नहीं लगता कि कोच का असर इतना बड़ा था; असली खिलाड़ी का चयन ही जीत तय करता है

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    shirish patel

    अक्तूबर 31, 2025 AT 15:37

    ओह, तो फिर कोच को ही सुपरहीरो बनाते हैं? 🙄

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    Ravi Patel

    नवंबर 6, 2025 AT 07:37

    कोच की मेहनत को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि वह बॉल की रिलीज़ को स्थिर करने में मदद करता है

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    Piyusha Shukla

    नवंबर 11, 2025 AT 23:37

    ऐसे आँकड़े तो दिलचस्प लगते हैं पर असली खेल तो मैदान में दिखता है ना

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    Shivam Kuchhal

    नवंबर 17, 2025 AT 15:37

    सभी क्रिकेट प्रेमियों को नमस्कार। कुलदीप यादव की वापसी निस्संदेह दृढ़ संकल्प और वैज्ञानिक प्रशिक्षण का परिणाम है। हम आशान्वित हैं कि भविष्य में वह अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

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    Adrija Maitra

    नवंबर 23, 2025 AT 07:37

    वाकई, देखो तो सही, कैसे वह बेस्ट बन गया, दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट ने सच में माहौल को electrify कर दिया।

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    RISHAB SINGH

    नवंबर 28, 2025 AT 23:37

    हमें बस इतना कहना है कि टीम की बेंच से बाहर रहने वाले हर खिलाड़ी को ऐसे ही सपोर्ट चाहिए ताकि उनके भीतर की आग जलती रहे।

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    Deepak Sonawane

    दिसंबर 4, 2025 AT 15:37

    अवश्य, इस परफॉर्मेंस को 'उच्च-स्थिरता बॉल स्पिन' के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिसमें काइनेटिक एन्हांसमेंट और बायोमेकेनिकल फीडबैक लूप का इंटीग्रेशन स्पष्ट है।

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    Suresh Chandra Sharma

    दिसंबर 10, 2025 AT 07:37

    आपकी बात थोड़ी technical लग रही है लेकिन असली बात यही है कि कुलदीप ने spin की velocity को बढ़ाया जिससे बॉल batsman के लिए कठिन हो गई।

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    sakshi singh

    दिसंबर 15, 2025 AT 23:37

    कुलदीप यादव की इस शानदार वापसी ने भारतीय क्रिकेट की आशा को नया प्रकाश दिया।
    पाँच महीने की कड़ी मेहनत और विज्ञान‑आधारित प्रशिक्षण ने उनके शरीर को फिर से तैयार किया।
    यह सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि एक टीम‑उत्सव है जहाँ हर कोच और कनेक्शन का सहयोग स्पष्ट है।
    एड्रियन ले‑रुक्स की तकनीकी अंतर्दृष्टि ने बायोमैकेनिक्स को खेल में लागू करने का एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया।
    उनके द्वारा सुझाए गए हिप‑हिंगे एक्सरसाइज़ और हाई‑इंटेन्सिटी इंटरवल ने स्पिनर की फुर्ती को बढ़ाया।
    इस प्रकार की वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे राष्ट्रीय खेल संरचना में एक नया मानदंड स्थापित कर सकता है।
    खिलाड़ी की मानसिक दृढ़ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी, क्योंकि चोट के बाद उनका आत्मविश्वास कभी नहीं टूटता।
    ऐसे उदाहरण युवा खिलाड़ियों को यह सिखाते हैं कि असफलता के बाद उठना ही सफलता की कुंजी है।
    हमें पूरे देश में इस संदेश को फैलाना चाहिए कि निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
    इस जीत ने न केवल टीम को एशिया कप का खिताब दिलाया, बल्कि भारतीय स्पिन बॉल की दुनिया में नई दिशा भी बतायी।
    भविष्य में अगर इस मॉडल को अन्य खेलों में भी लागू किया जाए तो समग्र खेल प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है।
    साथ ही, प्रशासकों को चाहिए कि वे ऐसी वैज्ञानिक ट्रेंनिंग प्रोग्राम्स को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करें।
    कुलदीप की कहानी हमें याद दिलाती है कि प्रत्येक खिलाड़ी के पीछे एक जटिल समर्थन प्रणाली होती है जिसका सम्मान होना चाहिए।
    अंत में, हम सभी को इस सफलता को सलाम करना चाहिए और आने वाले मैचों में इस प्रेरणा को आगे बढ़ाते देखना चाहिए।
    इस प्रकार, भारतीय क्रिकेट की निरंतर प्रगति के लिए सहयोग, विज्ञान और आत्मविश्वास का संगम आवश्यक है।

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    ahmad Suhari hari

    दिसंबर 21, 2025 AT 15:37

    उक्त विस्तृत विश्लेषण में कई बिंदु उल्लेखनीय हैं परन्तु कुछ तथ्यों की पुनरावृत्ति अनावश्यक प्रतीत होती है।

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    shobhit lal

    दिसंबर 27, 2025 AT 07:37

    सच पूछो तो एशिया कप की जीत का श्रेय सिर्फ कोच को नहीं, बल्कि टीम की पूरी रणनीति को देना चाहिए।

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    suji kumar

    जनवरी 1, 2026 AT 23:37

    वास्तव में, एशिया कप के दौरान, जब टीम ने विविध परिस्थितियों का सामना किया, तब रणनीतिक योजना, जिसमें अंतर्जात डेटा विश्लेषण, बॉल‑ट्रैकिंग प्रौद्योगिकी, तथा टैक्टिकल बदलाव शामिल थे; यह स्पष्ट है कि केवल एक ही व्यक्ति के योगदान को अपनाना अनुचित होगा; इसलिए, सम्पूर्ण सहयोगी नेटवर्क की प्रशंसा अनिवार्य है।

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    Ajeet Kaur Chadha

    जनवरी 7, 2026 AT 15:37

    ओह, कितना नाटकीय! 🙃

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